Wednesday, 9 November 2016

छोटे बच्चों ने संभाला बड़ों का मंच, दिया स्वच्छता का संदेश

रायपुर | 08 नवम्बर 2016 00 मिसाल बन गया श्री रायपुर पुष्टिकर समाज का दीवाली मिलन
- रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। काबिलियत उम्र की मोहताज नहीं होती। आपमें काबिलियत है तो आपका कद क्या है यह मायने नहीं रखता, आपने क्या किया है यह मायने रखता है। हम अक्सर किसी भी कार्यक्रम में जाते हैं तो सदैव मुख्य और विशिष्ट अतिथि के रूप में समाज के किसी बड़़े ओहदे वाले व्यक्ति या तो विशिष्ठता रखने वाले व्यक्ति को ही स्टेज में देखते हैं और उन्हें सुनते हैं, परंतु राजधानी में दीवाली मिलन का नजारा कुछ ऐसा हो गया कि देखने वाले नजरें जमाएं सिर्फ देखते रहे। कितनों की तो आंखें भर आई। ये कोई फिल्म की कहानी या नाटक का हिस्सा नहीं, बल्कि राजधानी के बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्री रायपुर पुष्टिकर समाज ट्रस्ट द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह का नजारा था, जहां मुख्य अतिथि के बतौर कोई वरिष्ठ नहीं बल्कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चे मंचासीन रहे। जिसने भी देखा वो भौंचक ही रह गए।
दीपावली मिलन समारोह के मुख्य अतिथि पवन जोशी (10 वर्ष) ने कहा कि वे बड़ा होकर अपनी गायन की प्रतिभा से देश का नाम रोशन करना चाहता हैं। पिता जय किशन जोशी द्वारा विरासत में मिली गायन प्रतिभा के धनी पवन को हारमोनियम और तबला बजाने में भी महारत हासिल है। पवन ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के महोत्सव राज्योत्सव में अपने गायन से लोगों के मन को झूमने में मजबूर कर दिया, वहीं हाल ही में नवरात्रि पर्व पर दुर्ग जिले में भजन गायन से उपस्थित भक्तों को भक्तिमय कर दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर कु. परी व्यास (9 वर्ष), आर्यन व्यास (6), आदित्यराज व्यास (6), पीयूष वोरा (12), प्रखर आचार्य (8), कु.सोनल व्यास (7), यश व्यास (9), आदित्य व्यास (12), तनमय पुरोहित (10), कु. वैष्णवी पुरोहित (10), ओजस्वी पुरोहित (11), तनय बिस्सा (10) और कु. अनुष्का (12) उपस्थि थे। ज्ञात हो कि इतनी छोटी उम्र में सभी कुछ न कुछ विशिष्टता रखते हैं। जैसे अनुष्का पहली से 6वीं वर्तमान कक्षा तक 95-98 प्रतिशत के साथ प्रावीण्य सूची में अपना स्थान रखती है। पीयूष को सुंदरकांड व रामायण की लगभग पूरी चौपाई याद है तो आदित्यराज को एकल अभिनय में महारत हासिल है। ऐसे ही सभी एक से बढ़कर एक विशिष्टता रखते हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पीयूष वोरा (12) ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से बहुत प्रभावित हूं। हमेशा स्वच्छता की ओर ध्यान देता हूं। अपने आस-पास एवं घर में फैली गंदगी को साफ करता हूं। कार्यक्रम में पीयूष ने सभी को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया। इसी तरह परी व्यास (9) ने कहा कि मैं एक लड़की हूं। जहां लोग लड़कियां पैदा होने पर दु:खी हो जाते हैं लेकिन मेरे माता-पिता को भी गर्व है कि मैं उनकी बेटी हूं। आज लड़कियों ने साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं। परी ने कार्यक्रम में सभी को बता दिया कि वह बड़ी होकर फाइटर प्लेन की उड़ाना चाहती है। शिक्षा, चिकित्सा सहित सभी क्षेत्र में लड़कियां आगे है। इसी तरह सभी विशिष्ठ अतिथियों ने अपना उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम के रूपरेखा निर्धारक व सांस्कृतिक गतिविधि प्रभारी ट्रस्टी राजकुमार व्यास ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्होंने इस कार्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित करते समय बच्चों की प्रतिभा को उभारने तथा समाज के सामने प्रस्तुत करने का उद्देश्य रखा। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर हम कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि या विश्ष्टि अतिथि का चुनाव करते समय सदैव विशिष्टता पर ध्यान देते हैं। हमारा यह मानना है कि विशिष्ट अतिथि बनने के लिए विशिष्टता का होना आवश्यक है लेकिन इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों की यही विशिष्टता थी कि वर्तमान में सभी बच्चे हैं। आगे जाकर यही लोग समाज और देश के लिए विशिष्ट करेंगे। इसलिए इन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का प्रारूप तय किया गया। श्री व्यास ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि की सूचना किसी को भी नहीं थी, सभी कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों को देखकर भौंचक से रह गए।
00 सांस्कृतिक संध्या में बांधा शमा
कार्यक्रम में सांस्कृतिक संध्या सहित सभी उपस्थित वर्ग के लिए खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। व्यास ने बताया कि बच्चों ने नृत्य, गायन, काव्य पाठ, मोनो प्ले से शमा बांधा। रामदेव व्यास एंड ग्रुप ने धीमा धीमा उड़ा रे गुलाल...माई तेरी चुंदरी लहरायी... गीत पर रंगा-रंग प्रस्तुति देकर सभी को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। महिलाओं, बच्चों, लड़कों व लड़कियों के लिए 1 मिनट गेम्स का आयोजन किया गया।
00 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
श्री रायपुर पुष्टिकर समाज के मुख्य ट्रस्टी गोपाल प्रसाद व्यास ने पूरे समाज को दीपावली की शुभकामना देकर मुख्य एवं विशिष्ट का सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। साथ ही समाज से प्रदेश की इकलौती महिला सीए कु. अर्चना व्यास को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद राज्यसभा गोपाल व्यास ने कहा कि आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पश्चिमी संस्कृति का कब्जा है जिसे दूर कर भारतीय झलक दिखाई देनी चाहिए। ममता ओझा के गणेश वंदना नृत्य से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। मंच का संचालन अमृता व्यास, रूपाली पुरोहित व लक्की पुरोहित ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा राजकुमार व्यास ने तय की। कार्यक्रम में आभार प्रबंधक ट्रस्टी कृष्ण कुमार पुरोहित कार्यक्रम में ट्रस्टी तारिणी प्रसाद आचार्य, राजेश व्यास, शंकर व्यास (पार्षद), राजकुमार पुरोहित, शैलेन्द्र कल्ला सहित श्री पुष्टिकर ब्राम्हण समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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