00 फिनाले नहीं जीत पाया पर दिल जीतने में सफल रहा रायपुर का लक्ष्मण
रायपुर, (वीएनएस)। मैं बहुत खुश हूं, पहली बार पापा जब स्टेज पर आए उसी समय मैं जीत गया था। और सबसे बड़ी खुशी मुझे आज मिली जब मैंने पापा को अपनी पहली कमाई से जूते गिफ्ट किए। इतना कहते ही लक्ष्मण के साथ-साथ शो में मौजूद सभी की आंखें भर आई। भले ही फिनाले का ताज दित्या के सिर सजा लेकिन लक्ष्मण हार कर भी जीत गया। शानिवार रात सुपर डांसर के ग्रैण्ड फिनाले में कुछ ऐसा हुआ जिसे देखने वाले शायद कभी न भूला पाएं। लक्ष्मण जब अपनी ख्वाहिश पूरी कर रहा था तो उस लम्हें में सबकी आंखों में आंसू थे।
सुपर डांसर के स्टेज पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले रायपुर के लक्ष्मण के साथ फाइनल राउंड में 4 पार्टिसिपेंट्स दित्या (मुंबई), दीपाली (पुणे), योगेश (मथुरा), मासूम (गुवाहाटी) थे। ग्रैण्ड फिनाले में सबने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया। सुपर डांसर का स्टार बनाने का फैसला जनता का था और जनता ने दित्या को सुपर डांसर का विजेता चुना। लक्ष्मण की हर बार की तरह कल रात भी जजेस ने दिलखोल कर तारीफ की। अनुराग दादा ने लक्ष्मण से कहा कि हर चुनौती को पार कर फिनाले के स्टेज पर आना ही सबसे बड़ी जीत है। लक्ष्मण के डिक्शनरी में इंपॉसिबल शब्द नहीं। जो फैसला आया वह अंतिम नहीं। सबने पहले हार को फेस किया है। शिल्पा की पहली फिल्म तो रिलीज ही नहीं हुई थी। खैर फैसला जो भी हो, विजेता तो विजेता होता है। पार्टी सब साथ में करेंगे। जज गीता मां ने कहा कि लक्ष्मण को स्टार बनने से कोई नहींं रोक सकता, वहीं शिल्पा शेट्टी ने कहा कि हर पड़ाव में बस ग्रोथ ही दिखी। लक्ष्मण ने फिनाले में हीरो मूवी के सांग ख्वाबों के पन्ने में... में परफॉर्मेंस दी।
परफॉर्मेंस के बाद जब लक्ष्मण को पूछा गया कि कोई ऐसी ख्वाइश जिसे पूरा करना चाहते हो, के जवाब में लक्ष्मण ने कहा कि मैं और पापा किसी पार्टी में जाते हैं तो देखता हूं कि सभी जूते पहने होते हैं लेकिन पापा के पैरों में जूते नहीं होते। पापा रिक्शा चलाते हैं उनके पैरों में दर्द होता है, मैं चाहता हूं कि अपनी कमाई से पापा को जूते गिफ्ट करूं। बस इतना कहना था कि तुरंत स्टेज में लक्ष्मण की ख्वाइश पूरी हुई और लक्ष्मण ने अपनी कमाई से ही पिता को जूता पहनाकर ख्वाइश पूरी की। शो में मौजूद सभी लोगों की आंखें इस दृश्य को देखकर छलक आईं। पिता जमुना प्रसाद कुंभार ने कहा कि सीना चौड़ा हो गया यह देखकर। उन्होंने कहा आज मुझे लोग लक्ष्मण के नाम से जानने लगे हैं। मन लगाकर मेहनत करने से मुकाम हासिल होता है, वही काम कर दिखाया मेरे बेटे लक्ष्मण ने। फिर क्या एक बार फिर पूरे शो में गूंजा लक्ष्मण कुभांर... लक्ष्मण कुंभार। हार से रास्ते बंद नहगीं होते यह तो आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। अब अगले सीजन में लक्ष्मण यह रेखा जरूर पार करेगा ऐसा डांस विशेषज्ञों का कहना है।
Sunday, 18 December 2016
पहली बार पापा स्टेज पर आए उसी दिन जीत गया था : लक्ष्मण
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment