रायपुर | 08 अक्टूबर 2016 00 बढ़ते अपराध से जनता को सर्तक करने युवाओं ने दिया संदेश
-रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। राजधानी में बढ़ रहे लगातार अपराध को दृश्याकिंत करती न्यू शांति नगर के युवाओं की टोली शुक्रवार देर रात अपराध के प्रति जनता को जागरूक रहने का संदेश दे गई। युवाओं में कोई कैदी बना तो कोई जेलर, बीटीआई मैदान पर संकल्प गरबा बीट्स-2016 के मंच पर प्रस्तुती मे बरबस लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस ग्रुप की युवतियों ने आम जनता का किरदार निभाया। सभी ने मिलकर बढ़ते अपराधिक गतिविधियों पर प्रति चिंता जताते हुए गरबा के जरिए जागरूकता फैलायी।
ग्रुप के कमल नायक, राजेश, सागर, बबलू साहू, हरीश साहू, भूषण ,यादव कैदी की भूमिका में रास गरबा करते दिखेे। और शंकर साहू जेलर की भूमिका में तो सीमा साहू और अनिता गोस्वामी आम नागरिक की भूमिका में गरबा करते दिखे। कमल ने चर्चा करते हुए बताया राजधानी में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। आये दिन खबरें मिलती रहती है जो चिंता का विषय है। अपराधी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं और पुलिस बस हाथ मलते रह जाती है। वहीं अपराधी पकड़े जाने पर जेल जाता है। उसने तो अपराध कर दिया लेकिन जेल जाने के बाद उसका परिवार कैसे जीवन यापन करता है वह नहीं सोचता। कमल कहता है कि आज जनता को जागरूक रहने की जरूरत है, कई अपराधिक गतिविधियां जैसे चेन स्नेचिंग व झांसे में आकर लूट हो रही है। इन सभी घटनाओं को देखते हुए इस ग्रुप ने चोर-कैदी-पुलिस और जनता की थीम में रास गरबा करने का निर्र्णय लिया।
सागर कहता है कि गरबा माता दुर्गा की उपासना का प्रतीक है। गरबा स्थल पर हजारों लोग रोजाना पहुंचते है। इन सभी के बीच अपराधिक गतिविधियों से बचने और अपराध न करने की थीम पर हमने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस थीम का चयन किया। आज जनता को जागरूक रहने की जरूरत है और पुलिस प्रशासन को भी चाहिए कि राजधानी में क्राइम पर लगाम लगाए। इस ग्रुप द्वारा कैदी, पुलिस और आम नागकि की वेशभूषा में गरबा के चौकड़ी, छकड़ी और घोड़ा रास के स्टेप्स आकर्षण का केंद्र रहे।
00 छोटी उम्र में बड़ी और सकारात्मक सोच
इस ग्रुप में सभी सदस्यों की उम्र लगभग 18 से 22 के मध्य बीच ही है। सभी कॉलेज में अध्ययनरत है और एक ही मोहल्ले से हैं। पिछले पांच वर्ष से शहर के बीटीआई मैदान पर गरबा करते आ रहे हैं। हर बार कुछ नया संदेश देने का प्रयास करते हैं। शुक्रवार को नरवात्रि के सातवे दिन और षष्टमी तिथि को इस ग्रुप ने जो संदेश सबके मध्य दिया, सभी ने सराहा और संदेश का सम्मान भी किया।
-रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। राजधानी में बढ़ रहे लगातार अपराध को दृश्याकिंत करती न्यू शांति नगर के युवाओं की टोली शुक्रवार देर रात अपराध के प्रति जनता को जागरूक रहने का संदेश दे गई। युवाओं में कोई कैदी बना तो कोई जेलर, बीटीआई मैदान पर संकल्प गरबा बीट्स-2016 के मंच पर प्रस्तुती मे बरबस लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस ग्रुप की युवतियों ने आम जनता का किरदार निभाया। सभी ने मिलकर बढ़ते अपराधिक गतिविधियों पर प्रति चिंता जताते हुए गरबा के जरिए जागरूकता फैलायी।
ग्रुप के कमल नायक, राजेश, सागर, बबलू साहू, हरीश साहू, भूषण ,यादव कैदी की भूमिका में रास गरबा करते दिखेे। और शंकर साहू जेलर की भूमिका में तो सीमा साहू और अनिता गोस्वामी आम नागरिक की भूमिका में गरबा करते दिखे। कमल ने चर्चा करते हुए बताया राजधानी में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। आये दिन खबरें मिलती रहती है जो चिंता का विषय है। अपराधी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं और पुलिस बस हाथ मलते रह जाती है। वहीं अपराधी पकड़े जाने पर जेल जाता है। उसने तो अपराध कर दिया लेकिन जेल जाने के बाद उसका परिवार कैसे जीवन यापन करता है वह नहीं सोचता। कमल कहता है कि आज जनता को जागरूक रहने की जरूरत है, कई अपराधिक गतिविधियां जैसे चेन स्नेचिंग व झांसे में आकर लूट हो रही है। इन सभी घटनाओं को देखते हुए इस ग्रुप ने चोर-कैदी-पुलिस और जनता की थीम में रास गरबा करने का निर्र्णय लिया।
सागर कहता है कि गरबा माता दुर्गा की उपासना का प्रतीक है। गरबा स्थल पर हजारों लोग रोजाना पहुंचते है। इन सभी के बीच अपराधिक गतिविधियों से बचने और अपराध न करने की थीम पर हमने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस थीम का चयन किया। आज जनता को जागरूक रहने की जरूरत है और पुलिस प्रशासन को भी चाहिए कि राजधानी में क्राइम पर लगाम लगाए। इस ग्रुप द्वारा कैदी, पुलिस और आम नागकि की वेशभूषा में गरबा के चौकड़ी, छकड़ी और घोड़ा रास के स्टेप्स आकर्षण का केंद्र रहे।
00 छोटी उम्र में बड़ी और सकारात्मक सोच
इस ग्रुप में सभी सदस्यों की उम्र लगभग 18 से 22 के मध्य बीच ही है। सभी कॉलेज में अध्ययनरत है और एक ही मोहल्ले से हैं। पिछले पांच वर्ष से शहर के बीटीआई मैदान पर गरबा करते आ रहे हैं। हर बार कुछ नया संदेश देने का प्रयास करते हैं। शुक्रवार को नरवात्रि के सातवे दिन और षष्टमी तिथि को इस ग्रुप ने जो संदेश सबके मध्य दिया, सभी ने सराहा और संदेश का सम्मान भी किया।


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