रायपुर | 09 अक्टूबर 2016 00 जील डांस ग्रुप के युवाओं ने दी धमाकेदार गरबा प्रस्तुति
-रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। वैसे तो भारत में गरबा नृत्य का उदय गुजरात से हुआ है लेकिन आज रास गरबा की धूम पूरे देश के कोने-कोने तक मची हुई है। नवरात्र के अलावा भी अन्य त्यौहार के आयोजन हो या फिर शादी-विवाह या उत्सव गरबा जरूर खेला जाता है। वहीं गरबा में यदि अन्य पारंपरिक नृत्य का समावेश हो जाये तो नजारा चार चांद लगने जैसा प्रतीत होता है। ऐसा ही नजर थामने वाला नृत्य शनिवार देर रात तक शहर के बीटीआई मैदान पर संकल्प नवदुर्गा उत्सव समिति के संकल्प डांडिया बीट्स-2016 के मंच पर देखने को मिला। राजधानी के जील डांस एंड ग्रुप के युवाओं ने गरबा की धुनों पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य राउत नाचा की प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। ग्रुप के युवा राउत नाचा की पारंपरिक पोशाक व हाथ में सजी हुई लकडिय़ां थामे गरबा करते दिखाई दिये।
जील डांस एकेडमी के प्रमुख मेडी सिंग व बनार्ड एलेक्सजेंडर ने चर्चा के दौरान हमारे प्रतिनिधि से कहा कि हम डांस एकडमी से हैं। आने वाले कुछ दिनों में दीपावली के दौरान छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य राउत नाचा की झलक देखने को मिलती है। अब दीपावली को अधिक दिन शेष नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे ग्रुप ने गरबा की धुन में राउत नाचा करने थीम को चुना। कटोरा तालाब स्थित डांस एकडमी के इस ग्रुप में आशीष बारले, शुभम डोंगरे, शिवा सरकार, आकाश, ज्योत्सना पंसारी, रूची अग्रवाल और अभिनव मानिकपुरी शामिल है। ये ग्रुप शहर के मॉल में भी नृत्य की प्रस्तुती देता आ रहा है और कई इवेंट भी प्रस्तुत करता है।
मेडी व बनार्ड दिल्ली से हैं और राजधानी में डांस एकडमी संचालित कर रहे हैं और ग्रुप के बाकी सदस्य राजधानी से ही हैं तथा रायपुर के अलग-अलग शिक्षा संस्थान से पढ़ाई कर रहे हैं। सभी कल छत्तीसगढ़ के पारंपरिक राउत नाचा थीम पर गरबा के चौकड़ी, छकड़ी व घोड़ा रास स्टेप्स पर पूरी रात माता दुर्गा की उपासना में डूबे रहे। वेशभूषा से साथ कौड़ी से बने आभूषण पहने व सजी-धजी लकड़कियों को हाथ में थामे इस ग्रुप को गरबा करते सब एकटक निहारते रहे। सभी ने मौका मिलते ही इस ग्रुप के साथ सेल्फी तथा ग्रुप फोटो भी ली। नृत्य करते इस ग्रुप के मध्य बस राउत नृत्य के दोहे की कमी थी क्योकि गरबा की मर्यादा का पालन भी इस ग्रुप को करना था, जो इन्होंने भलीभांति किया।
00 23 को गणेश आचार्य रायपुर में
मेडी ने चर्चा के दौरान बताया कि 23 अक्टूबर को राजधानी के अंबुजा मॉल में बालीवुड के चर्चित कोरियोग्राफर व डांसर गणेश आचार्य रायपुर आ रहे हैं। जील डांस एकडमी द्वारा अंबुजा मॉल में 7 दिन की कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। जिसमें श्री आचार्य शिरकत करेंगे।
-रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। वैसे तो भारत में गरबा नृत्य का उदय गुजरात से हुआ है लेकिन आज रास गरबा की धूम पूरे देश के कोने-कोने तक मची हुई है। नवरात्र के अलावा भी अन्य त्यौहार के आयोजन हो या फिर शादी-विवाह या उत्सव गरबा जरूर खेला जाता है। वहीं गरबा में यदि अन्य पारंपरिक नृत्य का समावेश हो जाये तो नजारा चार चांद लगने जैसा प्रतीत होता है। ऐसा ही नजर थामने वाला नृत्य शनिवार देर रात तक शहर के बीटीआई मैदान पर संकल्प नवदुर्गा उत्सव समिति के संकल्प डांडिया बीट्स-2016 के मंच पर देखने को मिला। राजधानी के जील डांस एंड ग्रुप के युवाओं ने गरबा की धुनों पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य राउत नाचा की प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। ग्रुप के युवा राउत नाचा की पारंपरिक पोशाक व हाथ में सजी हुई लकडिय़ां थामे गरबा करते दिखाई दिये।
जील डांस एकेडमी के प्रमुख मेडी सिंग व बनार्ड एलेक्सजेंडर ने चर्चा के दौरान हमारे प्रतिनिधि से कहा कि हम डांस एकडमी से हैं। आने वाले कुछ दिनों में दीपावली के दौरान छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य राउत नाचा की झलक देखने को मिलती है। अब दीपावली को अधिक दिन शेष नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे ग्रुप ने गरबा की धुन में राउत नाचा करने थीम को चुना। कटोरा तालाब स्थित डांस एकडमी के इस ग्रुप में आशीष बारले, शुभम डोंगरे, शिवा सरकार, आकाश, ज्योत्सना पंसारी, रूची अग्रवाल और अभिनव मानिकपुरी शामिल है। ये ग्रुप शहर के मॉल में भी नृत्य की प्रस्तुती देता आ रहा है और कई इवेंट भी प्रस्तुत करता है।
मेडी व बनार्ड दिल्ली से हैं और राजधानी में डांस एकडमी संचालित कर रहे हैं और ग्रुप के बाकी सदस्य राजधानी से ही हैं तथा रायपुर के अलग-अलग शिक्षा संस्थान से पढ़ाई कर रहे हैं। सभी कल छत्तीसगढ़ के पारंपरिक राउत नाचा थीम पर गरबा के चौकड़ी, छकड़ी व घोड़ा रास स्टेप्स पर पूरी रात माता दुर्गा की उपासना में डूबे रहे। वेशभूषा से साथ कौड़ी से बने आभूषण पहने व सजी-धजी लकड़कियों को हाथ में थामे इस ग्रुप को गरबा करते सब एकटक निहारते रहे। सभी ने मौका मिलते ही इस ग्रुप के साथ सेल्फी तथा ग्रुप फोटो भी ली। नृत्य करते इस ग्रुप के मध्य बस राउत नृत्य के दोहे की कमी थी क्योकि गरबा की मर्यादा का पालन भी इस ग्रुप को करना था, जो इन्होंने भलीभांति किया।
00 23 को गणेश आचार्य रायपुर में
मेडी ने चर्चा के दौरान बताया कि 23 अक्टूबर को राजधानी के अंबुजा मॉल में बालीवुड के चर्चित कोरियोग्राफर व डांसर गणेश आचार्य रायपुर आ रहे हैं। जील डांस एकडमी द्वारा अंबुजा मॉल में 7 दिन की कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। जिसमें श्री आचार्य शिरकत करेंगे।

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