Sunday, 5 March 2017

`अनेकता में एकता` की सीख दे गई बाजीराव मस्तानी की गरबा टोली (वीएनएस विशेष)

रायपुर | 10 अक्टूबर 2016 - रविशंकर शर्मा
रायपुर, (वीएनएस)। `इंसान से इंसान का भाईचारा` और आपसी प्रेम ही धर्म है और संस्कृति है। हम भारत में रहते हैं तो सबसे पहले भारतीय हैं, फिर सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और जात-पात की बात आती है। ऐसे विचार रखने वाले प्रदेश के दो मुस्लिम युवा अपने अन्य साथियों के साथ बाजीराव मस्तानी थीम पर राजधानी के संकल्प नवदुर्गा उत्सव समिति के मंच पर आयोजित संकल्प डांडिया बीट्स-2016 में संदेश दे गए। राजधानी के एक निजी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अहमद जुनैद और ताहिर ने अपने साथियों को गरबा करते देख देखकर सीखा और मां दुर्गा की उपासना इस वर्ष से गरबा के माध्यम से शुरू किये। हालांकि 12 अक्टूबर को मोहर्रम पर्व के कारण ये दोनों युवा अपने गृहग्राम कोरिया रवाना हो गए हैं। रवाना होने के पहले दोनों युवाओं ने हमारे प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए कहा कि उनके मन में ये बात अवश्य रहेगी कि वे लोग नवरात्र के अंतिम दिन गरबा नहीं कर पाएंगे। बहरहाल आपने बाजीराव मस्तानी फिल्म देखी है तो आप इस थीम को समझने में अधिक समय नहीँ गवाएंगे ।
अहमद ने चर्चा के दौरान हमारे प्रतिनिधि से कहा कि उसके साथी पिछले पांच वर्ष से उक्त मंच पर गरबा करते आ रहे हैं। पिछले वर्ष जब मैेंने अपने साथियों को गरबा की थीम पर अभ्यास करते देखा तो मेरे मन में भी गरबा सिखने की इच्छा जागृत हुई। मेरे साथियों ने गरबा के सभी स्टेप्स मुझे सिखाए और इस वर्ष मैंने भी गरबा के माध्यम से देवी दुर्गा की उपासना की। अहमद इन दिनों अपने साथियों के साथ गरबा मैदान में नहीं दिख रहा क्योंकि 12 अक्टूबर को मोर्हरम का पर्व होने के कारण के कारण अपने गृहग्राम रवाना हो चुका है। उसने एकम से पंचमी तक जमकर विभिन्न थीम पर अपने साथियों का साथ निभाया। अहमद कहता है कि हम भारत में रहते हैं और हम भारतीय है। जात-पात, मजहब, धर्म बाद में आता है। हमारे ग्रुप में एकता है। हम सभी साथी एक-दूसरे के पर्व व त्यौहार में भी शामिल होते हैं। एक साथ त्यौहार मनाते हैं। ग्रुप का एक अन्य सदस्य सैय्यद ताहिर कहता है कि उसने भी गरबा अपने साथियों के साथ खेलना इसी वर्ष से शुरू किया। और ताहिर भी अहमद जैसे ही सोच रखता है। दोनों मिलकर ग्रुप के अन्य साथी भूमि, महक, खुशी, पूजा, नैना, मयंक, अभिलाष, भावेश, सर्वत्र (सेवी), सौरभ का साथ दे रहे हैं। युवाओं की ये टोली राजधानी के मैट्स युनिर्वसिटी में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है।
00 सौहाद्र्रपूर्ण भाईचारे का वातावरण बनाना ही उद्देश्य : संजय श्रीवास्तव
गरबा के प्रमुख (आयोजक) रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने चर्चा के दौरान कहा कि यहां पारंपरिक गरबा नहीं होता। यहां सभी धुनों व गीतों पर गरबा किया जाता है। यहां सभी धर्म व वर्ग के लोग पहुंचते हैं। हमारा उद्देश्य ही इस मंच के माध्यम से राजधानी में सौहाद्र्रपूर्ण भाईचारे का वातावरण बनाना है।


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